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मेरा एहसास मेरे रू ब रू………..!

रवायती ग़ज़ल लिखने में मैं खुद को बहुत असहज पाता हूँ………..रवायती ग़ज़लें इश्क, एहसास, शराब, शबाब, बेवफाई जैसे ख्यालों तक ही खुद को समेटी रहती हैं……….इधर ग़ज़लों […]

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सम्पादित–“मेरा एहसास मेरे रू ब रू……”

“ मेरा एहसास मेरे रू ब रू…….. “ लिखने और पोस्ट करने के बाद बमुश्किल सांस ले ही पायी थी कि 12-15 टिप्पणियां मिल गयीं…………! धन्यवाद सभी […]

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जियारत ख्वाजा चिश्ती साहब की दरगाह पर……!

साल की इससे बेहतर शुरुआत और क्या हो सकती थी………बरस 2010 के पहले दिन यानी 1 जनवरी को अजमेर में ख्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर सजदा […]

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संजीदा शायरी के दस्तखत- नवाज़ देवबंदी !

ऑफिस बैठा हुआ कुछ ज़ुरूरी कम निपटा रहा था…..अचानक मोबाईल बजा……उठाया- हेलो किया तो उधर से आवाज़ आई……आदाब कैसे हैं जनाब…….मैंने भी आदाब क़ुबूल कर उसी सम्मान […]

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सुब्ह की उम्मीद ………विप्लवी साहब !

मैंने अपनी पिछली पोस्ट जो नवाज़ देबवंदी साहब पर लिखी थी……उसे आप लोगों का प्यार मिला……शुक्रिया ! उस पोस्ट में मैंने यह ज़िक्र किया था कि जब […]

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महफूज के बहाने खाकसार की इज्ज़त – हौसला अफज़ाई का शुक्रिया…!

भाई महफूज ने अपने ब्लॉग पर मेरे बारे में एक पोस्ट लिख डाली…….उन्वान था “जज़्बा ग़र दिल में हो तो हर मुश्किल आसाँ हो जाती है… मिलिए […]

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