संपर्क

गुज़ारी ज़िन्दगी हमने भी अपनी इस क’रीने से

गुज़ारी ज़िन्दगी हमने भी अपनी इस क’रीने से पियाला सामने रखकर किया परहेज’ पीने से अजब ये दौर है लगते हैं दुश्मन दोस्तों जैसे कि लहरें भी […]

Read more

सांसों में लोबान जलाना आखि़र क्यों

सांसों में लोबान जलाना आखि़र क्यों पल पल तेरी याद का आना आखि़र क्यों जिसको देखो वो मसरूफ’ है ख़ुद ही में रिश्तों का फिर ताना बाना […]

Read more