एक और सोना चाहिए ….

एक और सोना चाहिए ….

बड़ी मुश्किल है इन चैनल वालों की ……इनकी praathmiktaayen अब तक clear नही है । sushil kumar के bronze पदक जितने के baawazood उनका dhyaan क्रिकेट पर ही रहा ,बल्कि क्रिकेट को ही jyada tarzih दी । कहाँ ९ देश क्रिकेट khelte हैं और हम bamushkil जीत paate हैं wahin २०५ deshon के olympic me पदक जितना बड़ी achievment है। भारत के ओलंपिक इतिहास में बुधवार का दिन बेहतरीन रहा बुधवार दोपहर इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से बीजिंग ओलंपिक से भारत को कुश्ती में कास्य पदक मिलने की सूचना मिली। जहाँ पहलवान सुशील कुमार ने कांस्य पदक जीता और बॉक्सर विजेंदर कुमार का कांस्य पदक पक्का हो गया. पदक तालिका में भारत के नाम के आगे ओलंपिक खेलों में तीन पदक पहली बार दिखाई देंगे.बुधवार को जहां विजेंदर कुमार ने मुक्केबाज़ी के क्वार्टर फ़ाइनल में जीतकर कांस्य पदक सुनिश्चित किया वहीं सुशील कुमार ने कुश्ती में कांस्य पदक जीत लिया. पश्चिमी दिल्ली के बापरौला गांव निवासी सुशील कुमार के कुश्ती में कास्य पदक जीत लिया. इससे पहले 1952 में भारत के केडी जाधव ने कांस्य पदक जीता था. सुशील कुमार ने 75 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक के लिए हुए मुक़ाबले में कज़ाखस्तान के पहलवान लियोनिड स्पिरदोनोव को हराया. अब to हमारी nigaahen vijendar पर लगी हैं। 75 किलोग्राम वर्ग में विजेंदर ने बड़ी ही सधी शुरुआत करते हुए इक्वेडोर के मुक्केबाज़ कार्लोस गोंगोरा को 9-4 से हरा दिया. पहले राउंड में विजेंदर ने सधी हुई मुक्केबाज़ी करते हुए दो अंक जुटाए. दूसरे राउंड में भी वो रुक रुक कर मुक्के लगाते रहे और चार अंक जुटा लिए. तीसरे राउंड में गोंगोरा काफी थके हुए दिखे जिसका फ़ायदा विजेंदर ने उठाया और गोंगोरा को हराने में सफलता प्राप्त की. गोंगोरा को मामूली मुक्केबाज़ नहीं हैं, वे चार बार यूरोपीय चैंपियन रहे हैं. इस जीत के साथ ही विजेंदर सेमी फाइनल में पहुंचे गए हैं और उनका कांस्य पदक पक्का हो गया है, हो सकता है कि अगले मैचों को जीतकर वे रजत या स्वर्ण पदक के दावेदार बन जाएँ.