प्यास की कैसे लाए ताब कोई नहीं दरिया तो हो सराब कोई शाइरी के शौकीनों के लिए जावेद अख़्तर का नया गज़ल/नज़्म संग्रह ‘लावा’ बेशक एक दरिया […]
प्यास की कैसे लाए ताब कोई नहीं दरिया तो हो सराब कोई शाइरी के शौकीनों के लिए जावेद अख़्तर का नया गज़ल/नज़्म संग्रह ‘लावा’ बेशक एक दरिया […]
कल महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज की कैप्टन लक्ष्मी सहगल का कानपुर में 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनका जीवन संघर्ष और […]
इतिहास के राजमार्गों से गुज़रते हुए कुछ अनाम सी पगडंडियाँ भी मिल जाती हैं जिनकी शिनाख्त बेशक उस करीने से न हो पाई हो जिनकी वे हकदार […]
मणीन्द्रनाथ बनर्जी का नाम भारत के क्रांतिकारी आन्दोलन के इतिहास में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकीशहादत उत्तर-प्रदेश के फतेहगढ़ के सेण्ट्रल जेल में हुई थी। लगातार […]
किया सब उसने सुन कर अनसुना क्या वो खुद में इस क़दर था मुब्तिला क्या मैं हूँ गुज़रा हुआ सा एक लम्हा मिरे हक़ में दुआ क्या […]
वक्त पर थम गई है बारिश जो गुजरी रात को हुई थी, धो दिए हैं रास्ते इस बारिश ने। सूरज भी खूब वक्त से निकला है, किरनें […]
जाने क्या सोच के तेरे ख़त कल नदी में बहाये थे, ख़त तो कागज के थे गल गए बह गए मगर वो सारे हफर् जो उन पर […]
एक मुकम्मल किनारे की तलाश में हर रोज कितने किनारे बदलता है समन्दर तमाम नदियों को जज्ब करने के बाद भी मासूम सा दिखता है समन्दर। शाम […]
एक वादा तुमसे रोज कुछ लिखने का तुम्हारे बारे में, अभी भी मुस्तैदी से निभा रहा हूँ। मगर इस बार तहरीरें कागजों पर नहीं दिल के सफहों […]
तूने बख़्शा तो है मुझे खुला आसमां साथ ही दी हैं तेज हवाएं भी हाथों से हल्की जुम्बिश देकर जमीं से ऊपर उठा भी दिया है। मगर […]