Archive for Category: संस्मरण

आम आदमी के दर्द और आक्रोश की आवाज़-अदम गोंडवी !

 खुरदुरी ‘धरती की सतह’ पर नंगे पाँव चलते और ‘समय से मुठभेड़’ करते अदम साहब भी 18 दिसंबर की अल सुबह सवा पांच बजे इस संसार को छोड़ कर चल दिए……! वैसे भी बीते दिनों में कई सृजन धर्मियों ने संसार छोड़ दिया है. वाकई इस बरस के आखिर...

Read More

कोडक युग की समाप्ति……!

यूँ तो व्यावसायिक घरानों और गतिविधियों के विषय में मुझे खास दिलचस्पी कभी नहीं रहती मगर फिर भी कभी कभी ऐसा होता है कि न चाहते हुए भी कुछ ख़बरें ध्यान आकर्षित कर ही लेती हैं. आज सुबह का अखबार पढ़ते कुछ ऐसा ही हुआ. खबर थी “कोडक ”...

Read More

शहरयार का जाना……. !!!

इन पानियों से कोई सलामत नहीं गया है वक्त अब भी कश्तियाँ ले जाओ मोड़ के। सुबह अखबार पढना शुरू ही किया था कि फिर एक खबर ने सुबह को बेरंग कर दिया……….. “शहरयार नहीं रहे” उन्वान छोटा था मगर खबर बड़ी थी. तीर की तरह खबर दिल...

Read More

मेहदी साहब – अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिले…!

बात उन दिनों की है जब मैं ग्रेजुएसन फर्स्ट इयर में था. ग़ज़ल सुनने का नया नया शौक लगा था. बिना किसी दुराग्रह के सबकी ग़ज़लें सुन लिया करते थे. ऐसे ही एक रोज़ हॉस्टल के किसी मित्र के कमरे में बैठे हुए अचानक एक नयी ग़ज़ल सुनने को...

Read More

लावा के मार्फ़त जावेद अख्तर की वापसी…. !

 प्यास की कैसे लाए ताब कोई नहीं दरिया तो हो सराब कोई शाइरी के शौकीनों के लिए जावेद अख़्तर का नया गज़ल/नज़्म संग्रह ‘लावा’ बेशक एक दरिया ही है, सराब तो (मृगतृष्णा) कतई नहीं। एक मुद्दत बाद जावेद अख़्तर हाजिर हैं,लगभग सत्रह बरसों बाद। वैसे उनकी ये हाजिरी मजमूए...

Read More

स्वतंत्रता सेनानी ‘कैप्टन लक्ष्मी सहगल’ को शत शत नमन !

कल महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज की कैप्टन लक्ष्मी सहगल का कानपुर में 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनका जीवन संघर्ष और मानव सेवा की अद्भुत मिसाल है. एक स्त्री होते हुए भी स्वतंत्रता संग्राम में औपनिवेशिक शक्तियों से मुकाबला करने से लेकर जीवन...

Read More

भारत छोड़ो आन्दोलन और धानापुर !

इतिहास के राजमार्गों से गुज़रते हुए कुछ अनाम सी पगडंडियाँ भी मिल जाती हैं जिनकी शिनाख्त बेशक उस करीने से न हो पाई हो जिनकी वे हकदार थीं मगर इससे उनकी महत्ता कम नहीं हो जाती. ऐसी ही तमाम पगडंडियाँ स्वतंत्रता के संग्राम के दौरान निकलती हैं जो भले...

Read More

मणीन्द्रनाथ बनर्जी की शहादत का स्मरण !!! (80वीं पुण्य तिथि)

मणीन्द्रनाथ बनर्जी का नाम भारत के क्रांतिकारी आन्दोलन के इतिहास में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकीशहादत उत्तर-प्रदेश के फतेहगढ़ के सेण्ट्रल जेल में हुई थी। लगातार दो माह के आमरण अनशन के पश्चात जेल में ही उन्होंने 20 जून 1934 को प्राण त्यागे। आज उनकी शहादत की 80वीं पुण्य...

Read More

“तू हर इक पल का शाइर है ………”- श्रद्धांजलि यश चोपड़ा को !

बीते सप्ताह यश चोपड़ा नहीं रहे……… ! यश चोपड़ा नाम है उस शख्सियत का जिसने बीते पचास वर्षों से कहीं ज्यादा बड़े कैरियर में हिंदी सिनेमा को नए नए ट्रेंड दिए….. लोगों के ख्वाबों को परवाज़ दी.  अस्सी बरस की उम्र में यश जी विदा हो गए अपनी बहुत सी यादों को हम सबके...

Read More