Archive for Category: संस्मरण

सरफ़रोशी की तमन्ना…………!

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा !! काकोरी कांड के नायकों राम प्रसाद बिल्स्मिल और अशफाक उल्लाह खान का यह बलिदान दिवस है………19 दिसम्बर 1927 को आज ही के दिन इनदोनों क्रांतिकारियों को फाँसी की सजा हुयी थी....

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सम्पादित–“मेरा एहसास मेरे रू ब रू……”

“ मेरा एहसास मेरे रू ब रू…….. “ लिखने और पोस्ट करने के बाद बमुश्किल सांस ले ही पायी थी कि 12-15 टिप्पणियां मिल गयीं…………! धन्यवाद सभी टिप्पणीकारों को ! राव साहब अपनी टिप्पणी में बहुत ज्यादा नाराज़ से लगे…..! नाराज़ होने की ज़ुरूरत नहीं, भाई………….हर टिप्पणी को पढता...

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जियारत ख्वाजा चिश्ती साहब की दरगाह पर……!

साल की इससे बेहतर शुरुआत और क्या हो सकती थी………बरस 2010 के पहले दिन यानी 1 जनवरी को अजमेर में ख्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर सजदा किया ………मेरे लिए यह एक अधूरी ख्वाहिश के पूरे होने जैसा था. दरअसल 31 दिसम्बर की रात को जब हम जयपुर में...

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“एक ठो चांस लीजिये न सईद साहब” …………!

कल जन संस्कृति मंच गोरखपुर द्वारा आयोजित गोरखपुर फिल्म उत्सव में जाने का अवसर मिला…….मंच इस कार्यक्रम को विगत पाँच वर्षों से आयोजित कर रहा है……इस बार इस आयोजन का थीम था ” प्रतिरोध का सिनेमा” और इस बार इसमें जिस निर्देशक को फोकस किया गया था वे थे...

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दुनिया सचमुच गोल है……….!

गोरखपुर में आने के बाद कई नए लोगों से मुलाकातें हुईं……..शायद नयी जगहें और नए लोग ही हमारे प्रोफेसन की सबसे बड़ी पहचान हैं………लगातार तबादले और इन्ही तबादलों के बीच अपनी जिंदगी को सेटल कर लेने की अदम्य चाहत ही हमारी सबसे बड़ी जिजीविषा है…….बहरहाल गोरखपुर में जब आया...

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फिर कमसिन होली आई है……..!

यूँ तो भारत त्योहारों का देश है ……..हर बारह-पंद्रह दिनों पर एक त्यौहार पड़ ही जाता है जो तन मन को स्पंदित कर जाता है………मगर फिर भी कुछ त्यौहार ऐसे होते हैं जो पूरे जोश खरोश से मनाये जाते हैं………………होली भी वो त्यौहार है जो जन मानस के छुपे...

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डोर से बंधी पतंग का दर्द कौन समझेगा……..’महिला दिवस’ !

आज आठ मार्च है……………..अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस…….! कायनात की अगर सबसे हसीं कोई चीज है तो वो निश्चित रूप से ‘स्त्री’ है…….! कभी माँ के रूप में तो कभी बहन के रूप में……….कभी पत्नी के रूप में तो कभी बेटी के रूप में स्त्री अपने रंग रूप में तब्दील होती...

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वृंदा और कंचन का विलाप कानों में गूंजता है…….!

मंगलवार दिनांक 6 अप्रैल 2010 का दिन भारत के इतिहास में हिंसात्मक नक्सली गतिविधियों के लिए जाना जायेगा….इस दिन नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में दंतेवाडा जिले में 76 जवानों को मौत के घाट उतार दिया…….यह घटना तब घटी जब केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को ले जा रही एक...

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सोहगौरा को बचाना ही होगा…!

गोरखपुरके बांसगाँव तहसील क्षेत्र में सोहगौरा गाँव के विषय में लम्बे अरसे से सुनता चला आ रहा था कि यह गाँव ऐतिहासिक महत्व का है। किन्तु चाहते हुए भी प्रशासकीय व्यवस्थाओं ने इस गाँव का मुझे पहुँचने न दिया। कल अचानक मैं इस गाँव के पास से ही गुजर...

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अनौपचारिक मुलाकात, बात-चीत चेतन भगत से………!

सुबह-सुबह स्थानीय मित्र शोभित अग्रवाल ने मोबाईल पर फोन किया, पूछा आज शाम का क्या प्रोग्राम है ? प्रतिउत्तर में मैंने कहा कि वैसे तो कुछ खास नहीं……। शोभित ने कहा कि यदि शाम को कहीं किसी शासकीय कार्य में व्यस्त न हों तो शाम को एक डिनर पार्टी...

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