Archive for Category: मेरी पसंद !

भूपेन हज़ारिका: लोगों के दिलों की आहट सुन लेने वाले कलाकर

‘‘वो शायर जिसका नाम भूपेन हज़ारिका है, कितनी आसानी से आवाम के दिलों की आहट सुन लेता है। उन्हें आवाम का शायर कहना जायज है। जिस व्यक्ति की बात करते हैं, लगता है, जैसे वो खुद कह रहे हैं। उसके लबों से निकली आह अपने आप शायर के होठों...

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भारत भूषण पंत

मुड़ मुड़ के देखता हूं

फ़िक्र को गिरहों में बांधने का लाजवाब  हुनर था भारत भूषण पंत में… आज अगर शायर भारत भूषण पंत हमारे बीच होते तो हम उनका 62 वां जन्मदिन मना रहे होते, मगर हमेशा चाहा हुआ होता कहां है। पिछले नवंबर में ही वे इस दुनिया को अलविदा कह गए।...

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पारिवारिक मूल्य

कल रात हम आइस क्रीम खाने निकल पड़े. खाना खाने के बाद अक्सर रात में परिवार के साथ इस तरह का लघु रतजगा हमेशा अच्छा लगता है. आइस क्रीम के बहाने बीबी – बच्चों के साथ बहस मुबाहिसें भी हो जाती हैं…दिन भर के ऑफिस के झंझटों से दूर...

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