Archive for Category: कतरन

पाक में जम्हूरियत को दबाने वाले हुक्मरानों के खिलाफ बेबाक आवाज थीं फ़हमीदा रियाज़

उर्दू अदब में नारीवाद, मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक आवाज़ को बुलंद करने वाली पाकिस्तानी शायरा और सामाजिक कार्यकर्ता फ़हमीदा रियाज़ 22 नवंबर को दुनिया को अलविदा कह गईं। वे कहने को तो पाकिस्तानी शायरा थीं मगर हिंदुस्तान की मिट्टी से भी उनका दाना पानी मुसलसल जुड़ा रहा। मेरठ में  जुलाई...

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आहटें

करीब पांच साल के बाद शायर पवन कुमार का नया मजमुआ ‘आहटें’ हमारे हाथ में है। 2012 में आई अपनी पहली किताब ‘वाबस्ता’ के हवाले से शायरी की जो नई बुनियाद हमारे बीच रखी गयी थी, उस पर घरौंदा बताने हुए ‘आहटें’ हमारे बीच है। किताब की शक्ल-ओ-सूरत की...

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