Archive for Category: कतरन

मशहूर शायर ‘पवन कुमार’ होंगे अमर उजाला काव्य कैफ़े लाइव में अगले मेहमान

अमर उजाला काव्य, काव्य कैफ़े लाइव के माध्यम सेप्रतिदिन शाम 5 बजेआप के लिए कला और साहित्य के क्षेत्र के मशहूर कलाकारों को लेकर हाज़िर होता है। काव्य कैफ़े लाइव की इसी यात्रा में आज शाम 5 बजे दर्शकों से रू ब रू होंगे- पेशे से आईएएस और मिजाज़...

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काव्य चर्चा-शायरी की रवायतों और रिवाज

शायरी की आज तक न जाने कितनी परिभाषाएं दी जा चुकीं हैं और आज तक दी जा रही हैं लेकिन ये सारी परिभाषाएं जब ठीक से यह परिभाषित नहीं कर सकीं कि शायरी क्या है, तो सोचिये अच्छी शायरी को परिभाषित करना कितना कठिन होगा? हमें यह तो बता...

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कविता परस्पर की कविताओं में झांकती है मन की जमीन पर लरजती संवेदनाएं

साहित्य में एक नया तबका सामने आ रहा है नौकरशाह कवियों-लेखकों का. राजस्थान कैडर के आईएएस डॉ जितेंद्र सोनी द्वारा संपादित कविता परस्पर में 32 प्रशासनिक अधिकारियों की कविताएं सम्मिलित हैं. कविता का समाज दिनोंदिन बड़ा हो रहा है. पहले कविता में कोई वर्गीकरण न था. वाद थे और...

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पंकज सुबीर का उपन्यास: जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था…

“तुम लोग कमजोर और डरे हुए लोग हो, इसलिए ही तुम लोगों को विचारों से डर लगता है। तुम मोम के बने हुए पुतले हो, जो विचारों की आग का सामना कर ही नहीं सकते, किसी भी तरह नहीं कर सकते। मोम के सारे पुतले चाहते हैं कि सारे...

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आहटें 2019

आहटें ————— अकेलेपन के बियाबाँ तवील जंगल में ये आहटें सी जो महसूस होती रहती हैं कभी ख़याल कभी दिल कभी नज़र के क़रीब समाअतों से ये मानूस होती रहती हैं ये बाज़गश्त हैं मुझमें कि हैं बजाहिर ये इन आहटों से मेरी रूह तक मचलती है ये आहटें...

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