Archive for Category: संस्मरण

अहमद फ़राज़ एक बेहतरीन शायर हैं।

अहमद फ़राज़ एक बेहतरीन शायर हैं । वैसे वे पाकिस्तानी शायर हैं लेकिन हिंदुस्तान में उनके कद्रदानों की कमी नही है। नई शायरी में उनका एक अलग वजूद है। उनकी बेहतरीन शायरी की बानगी देखिये ; तेरे मिलने के लम्हे फूल जैसे, मगर फूलों की उम्रें मुख़तसर हैं. एक...

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कमलेश भट्ट – संस्कृति के padaaw

ऐसा कम ही होता है कि किसी किताब को आप एक बार में ही पढ़ जायें। संस्कृति के पडाव एक ऐसी ही कृति है जिसे मैंने एक सिटिंग में पढ़ डाला। दरअसल यह किताब मुझे कल ही कमलेश भट्ट कमल ने दी जो सौभाग्य से इसके लेखक भी हैं।...

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जाने तू – dekhi kya

ज़ल्दी में एक पिक्चर जाने तू….. देखने का अवसर प्राप्त हुआ। इस बर्ष जो फ़िल्म आई हैं उनमे अच्छे शिल्प और अच्छी कहानी का बड़ा अभाव रहा है इस कारण फ़िल्म देखने की कोई विशेस इच्छा नही थी मगर पत्नी आग्रह मैं thukra नही सका …फ़िल्म इतनी अच्छी नही...

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Tapan Sinha – A Great Film Director

Tapan Sinha – A Great Film Director “Present-day films create no impact on the audience. They are either slick films for the multiplexes or cheap potboilers for the rural audience.” This burning statement is from senior and superb film maker Tapan Sinha. I am a big fan of him...

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एक और सोना चाहिए ….

बड़ी मुश्किल है इन चैनल वालों की ……इनकी praathmiktaayen अब तक clear नही है । sushil kumar के bronze पदक जितने के baawazood उनका dhyaan क्रिकेट पर ही रहा ,बल्कि क्रिकेट को ही jyada tarzih दी । कहाँ ९ देश क्रिकेट khelte हैं और हम bamushkil जीत paate हैं...

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राजगुरु एक अद्भुत क्रांतिकारी

आज अखबारों में प्रकाशन विभाग द्वारा एक विज्ञापन देखने को मिला.ये विज्ञापन “जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी ” नाम से प्रकाशित हुआ था. विज्ञापन में सूचना दी गयी थी की आज (२५ अगस्त ) को दो क्रांतिकारियों पर दो पुस्तकों का विमोचन किया जा रहा...

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तीजन बाई …..

बीते मंगलवार को तीजन बाई का प्रोग्राम देखने का अवसर मिला.यूँ तो तीजन जी को टी वी पर कई बार देखा था मगर मंच से उनका प्रोग्राम देखने का अवसर पहली बार मिल रहा था. अपने नियत समय से वे लगभग एक घंटे देर से पहुँची.मगर मंच पर उनके...

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आमद कुबूल करें……

इधर काफी दिनों तक गायब रहा. सच कहूँ तो वक्त नही मिला कुछ लिख पाने का …मन लगातार करता रहा कि कुछ लिखूं. व्यस्तता ने जैसे व्यक्तिगत जिंदगी के सारे लम्हे छीन लिए बहरहाल अब ब्लॉग पर आमद कर चुका हूँ… इधर बीते पन्द्रह दिनों में जो दो महत्त्वपूर्ण...

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हद हो गयी भाई….

हद हो गयी भाई…..जहाँ देखो वहीँ लूट मचा रखी है..कल अचानक बी बी सी की न्यूज़ साईट को देखते हुए नज़र थमी ” सोने के दाम समोसे ” कालम पर जिसमे संवाददाता इरशाद उल हक़ ने लिखा कि बिहार के सोनपुर में लगने वाले पशु मेले में इस बार...

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