Archive for Category: यात्रा-वृत्तांत

अकील नोमानी – मेरे अज़ीज़ शायर

मैं बरेली में 2004 – ०६ के दौरान उप जिला अधिकारी के पद पर तैनात रहा । इस दौरान मीरगंज नाम की तहसील में मैं लगभग दो साल रहा। बहुत सी यादें उस तहसील की ,तहसील के लोगों की, तहसील की घटनाओं की आज भी जेहन में जिंदा हैं।...

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खुदा हाफिज़ गाजियाबाद.

गाजियाबाद से मेरा रिश्ता बहुत ज्यादा नही रहा बमुश्किल १० माह का ये साथ रहा. गत नवम्बर में ही यहाँ आया था और अब चलने का तकाजा सामने है …..इस शहर से मैं बहुत ज्यादा नही जुड़ सका एक शेर है न ” सुनते थे बहुत ……..काटा तो एक...

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लाल टिब्बा पर पिज्जा…

लाल टिब्बा भी क्या कमाल की जगह है. मसूरी का सबसे ऊंचा प्वाएंट यही है……वैसे इसका नाम रेड हिल है मगर लोकल भाषा में इसे लाल टिब्बा ही कहा जाता है. कहते हैं की मसूरी सबसे पुरानी बस्ती यही है.लाल टिब्बा जाने का प्रोग्राम भी अचानक ही बना…मेरे छोटे...

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कुशीनगर यात्रा वृतांत…..!

बुद्ध पूर्णिमा से ठीक एक दिन पूर्व कुशीनगर जाने का कार्यक्रम बन गया। यह कार्यक्रम दरअसल अनुज पंकज, हृदेश , अनुज वधू प्रिया और संदीप के आने पर बना। ये लोग पहली बार गोरखपुर आये थे, गोरखपुर और इसके आस-पास के दर्शनीय स्थलों को देखने की ललक ने कुशीनगर...

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“जार्ज एवरेस्ट” पर ब्रेकफास्ट…..!

गत शुक्रवार को अकादमी में आदेश जारी हुआ कि शनिवार कि सुबह सभी लोग “जार्ज एवरेस्ट” प्वाईंट ट्रेकिंग करते हुए चलेंगे…..शनिवार का ब्रेकफास्ट वहीँ लेकर लंच वापस अकेडमी में करेंगे….! जार्ज एवरेस्ट प्वाइंट मसूरी से लगभग 6 किमी दूरी पर है…….पैदल ट्रेकिंग करते हुए अपने 100 साथियों के साथ...

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सिंगापुर से (पार्ट-1) !

13 अगस्त की सुबह 7.30 बजे सिंगापुर के चाँगी एअरपोर्ट पर उतरने के बाद यह महसूस होने लगा था कि हम अब दुनिया के उस देश की सरजमीं पर कदम रख चुकें हैं जिसे दुनिया के सबसे विकसित और प्रगतिशील देश के रूप में जाना जाता है। सिंगापुर के...

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सिंगापुर से…….! (पार्ट -2)

सिंगापुर यूँ तो ऐसा देश है जिसमें इतने दर्शनीय स्थल हैं कि जिन्हें देखने के लिए काफी वक्त चाहिए………….. किन्तु हमारे पास वक्त की कमी थी, सो चाहकर भी कुछ ही दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कर पाए। दरअसल दिन भर के क्लासरूम सेसन तथा विभिन्न संस्थाओं/ प्राधिकारियों से ‘इन्टरएक्शन’...

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वियतनाम यात्रा पार्ट-1

सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट से वियतनाम विदा होते वक्त दिल में उदासी और प्रशन्नता दोनों भावों का अहसास हो रहा था। उदासी का एहसास इसलिए कि बीते सप्ताह सिंगापुर को बहुत नजदीक से देखने-समझने का अवसर मिला था। सिंगापुर की बहुलवादी संस्कृति, विकास के प्रतिभान, सिविक सेंस, प्रशासनिक कर्मठता...

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अलविदा वियतनाम !

वियतनाम दरअसल अंकल ‘हो’ का देश माना जाता है…………… सो इस यात्रा वृत्तांत की चर्चा इसी महान व्यक्तित्व से किया जाना उचित होगा। अंकल ‘हो’ अर्थात ‘हो-चि-मिन्ह’, जिनका नाम मार्क्स क्रांति के प्रबल पुरोधा के रूप में लिया जाता है. हो-चि-मिन्ह को मार्क्स, ऐंजिल्स, लेनिन, स्टालिन के समकक्ष माना...

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किलबरी के जंगल की यात्रा…..!!!!!

पिछला रविवार बड़े मजे का बीता…… लगातार सरकारी काम-काज के बोझ से मन एकदम उचट चुका था, मन हो रहा था किसी शांत -प्राकृतिक सुरम्य वातावरण में एकाध दिन बिताया जाए. परिवार का भी कहीं...

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